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लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार जिम्मा युवा समूह ने लिया

गाजीपुर: जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों” इस कहावत को सौ प्रतिशत सत्य प्रमाणित किया है गाजीपुर के कुछ अनाम नौजवानो़ नें। इन अनाम नौजवानो़ की टोली को बस खबर मिलने की देर है कि अमुक जगह पर कोई लावारिस ब्यक्ति मरा पडा है। और यह टोली आपस मे मोबाईल से सम्पर्क कर एक जगह एकत्रित होते है और चल पडते है उस लावारिस लाश का संस्कार करने के लिए। आज के घोर भौतिकता वादी जमाने में जब अपने सगे भाई और बेटे भूला देते है,विसरा देते है उस जमाने मे यह नौजवान लावारिस को अपना सगा मान कर अपने खर्च से उस का अन्तिम क्रियाकर्म करते है। यह नौजवान गाजीपुर शहर में अब तक लगभग 200 लावारिस लाशों का अन्तिम संस्कार कर चूके है। उसी क्रम में इन नौजवानों ने 3 दिसंबर को 200 लावारिस लाशों का बिधि बिधान से गंगा घाट पर पिन्डदान किया तथा 4 दिसंबर को लंका मैदान में हजारों गरीबों और असहायों को ब्रम्ह भोज आयोजित कर भोजन कराया ।प्रचार-प्रसार से दुर अपने कर्मयोग में लीन इन सभी नौजवानों के हौसले को सादर नमन् एवम बधाई ।साथ ही अन्य नौजवानो़ को भी इनके टीम से जुड़ने का अनुरोध है। इस टीम के मुख्य कार्यकर्ता कुंवर विरेन्द्र सिह गाजीपुर कचहरी स्थित सहकारी बैंक के सामने रहते है।

रिपोर्टर -विकास राय


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