google.com, pub-1670991415207292, DIRECT, f08c47fec0942fa0 'उच्च शिक्षा की चुनौतिया' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन - Hindi Top News| हिंदी टॉप न्यूज़

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'उच्च शिक्षा की चुनौतिया' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

गाजीपुर: गाजीपुर जनपद के सत्यदेव कालेज परिसर गाधिपुरम गाजीपुर के प्रांगण मे सत्यदेव डिग्री कालेज एवं डाॅ0 राम मनोहर लोहिया डिग्री कालेज अध्यात्मपुरम ढोटारी के संयुक्त तत्वाधान मे एक राष्ट्रीय संगोष्ठी: उच्च शिक्षा की चुनौतिया विषय पर आयोजित की गयी। इस कार्यक्रम मे सर्वप्रथम कर्मवीर सत्यदेव सिंह को उनके प्रथम पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा पर आये हुए अतिथियों के द्वारा माल्यार्पण किया गया। द्वीप प्रज्वलन पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजाराम के द्वारा किया गया।कार्यक्रम में शिरकत करने आये हुए समस्त अतिथियों का माल्यार्पण एवं स्वागत डा आनन्द सिंह, डा सानन्द सिंह एवं समस्त संस्थाओं के प्राचार्यगण के द्वारा अंगवस्त्रम, प्रतीक चिन्ह एवं गुलदस्ता प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा सानन्द सिंह ने कहा कि गाजीपुर की धरती ऋषियों, मुनियों एवं सुफी संतो की पावन पवित्र भूमि रही है। उन्होने अपने पुज्य पिता के प्रथम पुण्यतिथि पर उनको नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। 

आपने कहा कि कर्मवीर सत्यदेव सिंह पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी के साथ रह कर शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा की। उन्होने देश के विकास को बढाने के लिए शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होने बुद्ध, गाॅधी, मर्यादा पुरुषोत्तम राम के सपनो को साकार करने के लिए ज्ञान की इच्छा को जागृत कराने पर प्रकाश डाला। अपने नैतिकता और ज्ञान के लिए पिता को नमन करते हुए अनन्त गहराइयों से नमन किया। उन्होने उच्च शिक्षा की चुनौतियों के लिए एक नया वातावरण स्थापित करने के लिए सभी उपस्थित लोगों से सहयोग मागा। इस अवसर पर सत्यदेव कालेज का नया सूभंकर चिन्ह का लोकार्पण पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह, कुलपति प्रो0 राजाराम यादव एवं सत्यदेव कालेज के निदेशक डाॅ0 आनन्द सिंह एवं डाॅ0 सानन्द सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डा आनन्द कुमार सिंह ने कहा की अँधियारी रात में एक छोटा सा दीप भी उजाला देने का काम करता है।शिक्षा ज्ञान है एक विभूति है उन्होने ज्ञान का वर्णन करते हुए कहा की ज्ञान बाहर से नही आता वह हमारे भीतर मौजूद है। शिक्षा एक माध्यम है जो जागृत करता है विद्या एक परम प्रकाश है। उन्होने इसकी महत्ता को बताते हुए कहा की प्रकाश देने का काम सूर्य करता है। यदि सूर्य नही करता तो चन्द्रमा करता है और यह भी नही करता तो नक्षत्र प्रकाशित करते है, यदि यह भी नही करता तो गुरु की वाणी है जो संसार को प्रकाशित करेगी। वाणी ही हमारी सभ्यता संस्कृति की पहचान है जो विश्व मे हमारी पहचान कराती है। वाणी हमारी शक्ति, लेख एवं विद्या है। समस्त वैभव की जननी वाणी की साधना है। साधना एक जलता हुआ दीपक है जो लगातार लोगो के बीच अधियारे मे प्रकाश का काम करता है। 

उन्होने कहा की उच्च शिक्षा का अर्थ उच्च मूल्यो की शिक्षा है उच्च मूल्य जीवन के उदेश्य को प्राप्त करने मे सहायता करते है। उन्होने कहा की हम नये चुनौतियो के लिए तैयार रहना चाहिए अच्छे शिक्षक तैयार करना एवं गुणवक्ता परक शिक्षा प्रदान करना महाविद्यालयों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होने कहा की देवत्व हमारी जिन्दगी की वस्तु है। सारा अमृत हमारे भीतर ही मौजूद है। उच्च शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौती प्राण प्रतिष्ठा करना है इस अवसर पर डा आनन्द कुमार सिंह, डा सानन्द कुमार एवं डा पी एन सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक लोक पुरुष सत्यदेव सिंह एवं विमर्श का वैभव पुस्तक का लोकार्पण केडिया जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजाराम यादव ने किया उन्होने सर्वप्रथम समस्त अतिथियों एवं आगंतुको को संबोधित करते हुए कहा कि हम विद्यार्थियो के लिए सब कुछ करते है रिस्ता स्थापित होने के बाद सारे समस्याओं का समाधान हो जाता है। उन्होने कहा की हमेशा योग्य पिता के योग्य पुत्र एवं योग्य गुरु के योग्य शिष्य होते है। उन्होने शिक्षा की स्वायत्तता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ए आई सी टी. ई एन सी टी ई एवं बार काउंसिल आॅफ इण्डिया को अनेक प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रमों मे दखल न करने की सलाह दी। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए उन्होने ने एम0डा0एम0 को तत्काल बन्द करने की सलाह दी।

 उन्होने नैक के महाविद्यालयों के मूल्यांकन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा की नैक का मूल्याकन तो हमारे छात्र ही करते है। विद्यार्थियों का परफामेन्स ही हमारी पहचान है। इस कार्यक्रम मे प्रो0 हरिकेश सिंह कुलपति जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा, प्रो0 योगन्द्र सिंह, कुलपति जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया, प्रो0 रमेशचन्द्र पण्डा कुलपति महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय उज्जैन, प्रो0 लल्लन सिंह पूर्व कुलपति हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड, प्रो0 कपिलदेव मिश्र कुलपति रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय जबलपुर, प्रो0 हरिमोहन बुधौलिया विक्रम विश्वविद्याल उज्जैन, प्रो0 सत्यकेतु सांकृत डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय नई दिल्ली, प्रो0 प्रभाकर सिंह आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 वाराणसी की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को सफल बनाने मे सहायक रही। इस कार्यक्रम में सत्यदेव डिग्री कालेज के प्राचार्य डा सुनील कुमार सिंह .डा राम मनोहर लोहिया डिग्री कालेज के प्राचार्य डा धीरेन्द्र मिश्रा सलाहकार दिग्विजय उपाध्याय, अमित कुमार रघुवंशी, सत्यदेव इन्स्टीटयूट के प्रधानाचार्य अजित सिंह यादव, फार्मेसी के प्राचार्य डा तेज प्रताप सिंह, छात्र कल्याण अधिकारी डा कृपाशंकर सिंह, श्याम कुमार,मनोज यादव, आदि के सहयोग से कार्यक्रम को सफल बनाया गया।

रिपोर्टर -विकास राय

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