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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई ने गाजीपुर जनपद के सिद्धपीठ में किया दर्शन पूजन

गाजीपुर: जनपद के जखनियां के सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुढ़िया माई मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमभाई मोदी मंगलवार को पत्नी के साथ दर्शन पूजन करने पहुंचे। अपने वाराणसी प्रवास के दौरान वे सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज का दर्शन पूजन करने वाराणसी स्थित कर्णघंटा मठ पर पहुंचे थे।
 वहीं से उन्होंने अचानक महामंडलेश्वर जी से बुढ़िया माई के दर्शन पूजन की इच्छा जाहिर की। तत्काल महामंडलेश्वर जी के साथ उनका सिद्धपीठ पर आगमन हुआ। जहां उन्होंने सिद्धपीठ स्थित बुढ़िया माई मंदिर में मत्था टेका। वह यहां की यात्रा से अभिभूत नजर आए।
 सिद्धपीठ स्थित मंत्र बालकृष्ण यती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य व सिद्धपीठ ब्रह्मचारी संत डॉ रत्नाकर त्रिपाठी ने बताया कि सोमभाई मोदी के साथ उनकी पत्नी वह कुछ व्यक्तिगत मित्र शामिल थे। उन लोगों का सिद्धपीठ पर वैदिक रीति-रिवाज से वैदिक बटुकों द्वारा स्वस्तिवाचन कर स्वागत किया गया  दर्शन पूजन के बाद अभिभूत सोमभाई मोदी ने कहा सिद्धपीठ की इस धरा को प्रणाम करने की अर्से से ललक लगी हुई थी आज बुढ़िया माई के दर्शन कर मैं अपने को धन्य समझता हूं। दर्शन पूजन के पश्चात सोमभाई मोदी अपने मित्रों समेत महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज के साथ वाराणसी वापस हो गए।

 "मैं प्रधानमंत्री का भाई नही हूँ"

प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमभाई मोदी मंगलवार को गाजीपुर जनपद के जखनियां तहसील अंतर्गत सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर दर्शन पूजन करने पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी पत्नी व अन्य पारिवारिक मित्रों के साथ सिद्धपीठ परिसर स्थित बुढ़िया माई (वृद्धम्बिका देवी) मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन किया। इस दौरान स्वागत परिचय समारोह के दौरान अचानक सोमभाई मोदी ने ऐसी बात कह दी कि एक पल के लिए लोग आवाज से रह गए। लेकिन फिर उन्होंने अपनी पूरी बात रखी तब लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत अभिनंदन किया।
 सिद्धपीठ आगमन पर सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज द्वारा जब उपस्थित लोगों से उनका परिचय प्रधानमंत्री के बड़े भाई के रूप में दिया गया तो बीच में ही सोमभाई मोदी खड़े होकर क्षमा याचना के साथ बोले कि "मैं प्रधानमंत्री का भाई नहीं हूँ। उनके इस वाक्य पर लोग अवाक रह गए वह एक दूसरे का मुंह देखने लगे।
 लेकिन तभी उन्होंने पूरी बात रखते हुए कहा कि ‘मेरे और प्रधानमंत्री के बीच एक परदा है, मैं उसे देख सकता हूं पर आप नहीं देख सकते। मैं नरेंद्र मोदी का भाई हूं, प्रधानमंत्री का नहीं। प्रधानमंत्री मोदी के लिए तो मैं 125 करोड़ देशवासियों में से ही एक हूं, जो सभी उसके भाई-बहन हैं।’
उन्होंने म. बालकृष्ण यती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं को शक्ति का अवतार बताते हुए कहा कि मैं इस शक्तिपीठ पर माई बढ़िया से कामना करता हूं कि आप सभी शक्ति स्वरूपा हैं देश के कल्याण के निमित्त आप अपना योगदान करें।
छात्रओं ने दुर्गा वंदना और पुष्प अर्पित कर स्वागत किया और गीत पाठ तथा वैदिक बटुकों ने मंगलाचरण करते हुए पारंपरिक स्वागत किया जिससे मोदीजी अभिभूत देखे उनके साथ गौरांग जी भी थे। सोमभाई मोदी व अन्य अतिथियों का स्वागत संभाषण अमिता दुबे ने किया।

 प्रशासन को नहीं लगी भनक

 मंगलवार को अचानक जखनियां क्षेत्र के सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित बुढ़िया माई मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमभाई मोदी पहुंचे। लेकिन उनके इस यात्रा की भनक प्रशासन को नहीं लग सकी यह आश्चर्य का विषय रहा। इतनी बड़ी शख्सियत का सिद्धपीठ पर आना व दर्शन करके चले गए लेकिन प्रशासन इन खबरों से बेखबर रहा। ऐसे में क्षेत्र की गतिविधियों पर प्रशासन का नियंत्रण या नजर होना आश्चर्य का विषय रहा। उनके यहां से चले जाने के बाद क्षेत्र में भी लगातार चर्चा होती रही।

रिपोर्टर -विकास राय



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